Welcome to Smt. Janki Devi Jankalyan Trust

Shrimati Janki Devi Jankalyan Trust has established in 2012 at Firozbad district. The Managing Trustee of the said trust is Mr. Rakrsh Babu Yadav, who is efficiently working and make a lots of efforts to make the Trust sustainable. The Trust running a College named “Janki Devi Mahavidhyalaya” in Firozabad and more than 500 students have been educated with excellent faculty and other facilities. The courses are B. A., B. Sc., and B. Ed.

ट्रस्ट के उद्देश्य

  1. शिक्षा विकास हेतु प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा व्यवस्था हेतु स्कूल कॉलेज, डिग्री कॉलेज की स्थापना सीबीएसई/ आईसीएसई/ उ.प्र. शिक्षा बोर्ड पर आधारित स्कूल कॉलेजों की स्थापना करना तथा निशुल्क दूरस्थ शिक्षा, तकनीकि, व्यवसायिक, मेडिकल कॉलेज, औधौगिक एवं ग्राम औधोगिक व कृषि शिक्षा संस्थानों की स्थापना करना व उनका विधिवत संचालन कर युवक— युवतियों को स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर बनाना।
  2. मजदूरों/ कारीगरों को तकनीकि शिक्षा प्रदान करना व उन्हें शिक्षित कर उनके जीनव स्तर को ऊंचा उठाना शिक्षा के प्रति उन्हें जागरूक करना तथा उनके बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा संस्थानों की स्थापना करना बच्चों की सुविधा हेतु पुस्तकालय, वाचनालय, छात्रावास, क्रीडा केंद्रों, व्यायामशाला आवासीय विद्यालयों की स्थापना करना तथा निर्धन अनाथ, अपंग बच्चों, मेधावी बच्चों को छात्रवृत्तियां दिलाना। खेलों को बढावा देना तथा समय समय पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना तथा उत्कृष्ठ/ विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करना।
  3. ट्रस्ट का उद्देश्य नागरि​कों को सर्वांगीण विकास हेतु शहरी एवं ग्राम क्षेत्रों के पिछड़े क्षेत्रों एवं मलिन बस्तियों में स्वच्छता, परिवार नियोजन, शिशु पोषण महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम चलाना तथा उनके कल्याण हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उन्हें जानकारी देना एवं समय समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन करना।
  4. नागरिकों में सामाजिक जनचेतना जागरूक करना एवं विज्ञापन, पोस्टर, बैनर आदि के माध्यम से एड्स, कैंसर, हैपेटाइटिस बी आदि जानलेवा बीमारियों से बचाने के उपाय सुझाना एवं इन पर प्रभावी अंकुश लगाने का भरसक प्रयास करना एवं मद्यनिषेध कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाना।
  5. ट्रस्ट का उद्देश्य समय—समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं निशुल्क जागरूकता शिविरों, निशुल्क स्वास्थ्य रक्षा शिविरों, नेत्र रक्षा कैंपों, विचार गोष्ठियों, राहत शिविरों, जनजागृति शिविरों, कला प्रदर्शनी, प्रौढ़ शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, बालश्रम उन्मूलन कार्यक्रम एवं गरीबी उन्मूलन मद्यनिषेध कार्यक्रम चलाना।
  6. देश विदेश एवं प्रदेश की समान उद्देश्यों वाली संसथाओं से संपर्क स्थापित करना एवं उनका सहयोग करना एवं ऐसी संस्थाओं से वित्तीय अनुदान, ऋण, सहयोग प्राप्त कर समाज विकास हेतु विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम चलाना।
  7. युवाओं में राष्ट्रीय एकता सामुदायिक विकास अपनी सद्भावना जैसे मूल्यों का विकास करना तथा उनके प्रचार प्रसार में सहयोग देना। राष्ट्रीय विकास एवं समाज सेवा के कार्यक्रमों के संचालन में  सहयोग प्रदान करना।
  8. युवाओं को उपभोक्ता फोरम जैसे अधिनियम की जानकारी देना व उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना व उन्हें निशुल्क कानूनी परामर्श् उपलब्ध कराने को प्रयास करना।
  9. ट्रस्ट के उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में नागरिक की सुविधा हेतु सामुदायिक केंद्रों धर्मशाला एवं अन्य संस्थाओं शिक्षा संस्थानों में  निशुल्क औषधालयों का निर्माण एवं उनके संचालन की पूर्ण व्यवस्था करना।
  10. ट्रस्ट का उद्देश्य केंद्रीय एवं राज्य सरकार के सहयोग से संचालित योजनाओं में सहयोग व योगदान देना।
  11. योग, प्राकृतिक तथा भारतीय पुरातन और नवीन चिकित्सा पद्ध्ती के माध्यम से विभिन्न संक्रामक व असाध्य रोगों से नागरिकों को मुक्त कराने का प्रयास करना, शरीरिक शिक्षा केंद्रों, योग साधना केंद्रों व निशुल्क चिकित्सालयों/ औषधालयों की स्थापना करना।
  12. निराश्रित महिलाओं एवं अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम चलाना, आंगनवाड़ी, बालवाड़ी, नारी निकेतन, प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों व बाल श्रमिक बच्चों के उत्थान के लिए बाल श्रमिक विद्यालयों का संचालन सेवा योजकों द्वारा अल्पायु के बच्चों को बाल श्रमिक के रूप में सेवा योजित न होने देना।
  13. केंद्रीय एवं राज्य सरकार, निगम बोर्ड, संबंधित विभागों के वित्तीय सहयोग से युवक युवतियों के आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने हेतु सुलभ रोजगार परख प्रशिक्षण जैसे सिलाई, कढ़ाई, कताई, बुनाई, हस्तशिल्प कला, वास्तु कला, फोटो ग्राफी एवं वीडियो ग्राफी, दस्तकारी, दरी कालीन, ड्राइंग पेटिंग कला, टंकण तथा आंशुलिपिक व निशुल्क कम्प्यूटर प्र​शिक्षण, टेक्स्टाइल, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण देकर/ दिलाकर उन्हें आत्म निर्भर बनाना तथा उनमें  जागरूकता पैदा करना।
  14. शहरी एवं ग्रामीण विकास हेतु संबंधित विभागों एवं मंत्रालय द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु वि​भन्न योजनाओं जैसे शुद्ध पेयजल की व्यवस्था एवं पानी की समरूपता हेतु हैंडपंप, टंकी लगाना, सड़क खडंजा तथा मलिन बस्तियों का सुधार, सफाई व शौचालयों, सामुदायिक केंद्रों, आश्रय स्थलों की स्थापना करना।
  15. पर्यावरण सुधार हेतु जागरूकता शिविरों का आयोजन कर नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना एवं जगह जगह वृक्षारोपण कराना व बढ़ते प्रदूषण को कम करने का प्रयास करना।
  16. उन्नति कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण देना तथा किसानों में उन्नतिशील बीजों व जैविक खाद के उपयोग, प्रचार—प्रसार तथा किसानों की समस्याओं को सुलझाना व शासन प्रशासन तक पहुंचाना। सामाजिक वानिकी कार्यक्रमों को चलाना व खाली पड़ी ऊसर बंजर भूमि पर सघन वृक्षीकरण व वनीकरण को बढ़ावा देना एवं अवैध लकड़ी कटाई को रोकने में सरकार का सहयोग करना।
  17. ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन, भेड़ पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, पशु पालन एवं कृषि सेवा केंद्रों की स्थापना करना। पशुधन जानवरों के स्वास्थ्य संरक्षण, संवर्धन का कार्य करना। बीमार पशुओं वन्य जीवों के लिए पशुचिकित्सालय, पशुशाला, गौरसंवर्धन व सरंक्षण व गोशाला की व्यवस्था करना तथा जागरूकता शिविरों का आयोजन करना।
  18. खाद्य प्रसंस्करण के अंतर्गत फलों का संरक्षण, प्रशोधन, पैकिंग करना एवं प्राकृतिक वस्तुओं को खाने योग्य बनाना व उनके विपरण की व्यवस्था करना।
  19. जल प्रबंधन, कृषि अभियंत्रण, कृषि रक्षा, कृषि आधारित ग्रामोद्योग यां​त्रिक अविष्कार अनुसंधान के संबध में कार्य करना तथा समाज के उपेक्षित लोगों जैसे अंधे, कुष्ठ रोगी, मूकबधिरों, दिव्यांगों, निराश्रित, लाचार बच्चों, वृद्धजनों के लिए कार्य करना। बाल आश्रम अनाथालय व वृद्धाश्रमों की स्थापना करना।
  20. अपारंपरिक ऊर्जा श्रोत संयंत्रों जैसे गोबर गैस, सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा पर आधारित कार्यक्रमों का प्रदर्शन एवं विकास करना।
  21. महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन करना व उनके कल्याण हेतु चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना व शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था करना। ट्रस्ट का गठन व्यक्तिगत हित के लिए नहीं किया गया है जन हितार्थ है। वर्तमान में ट्रस्ट के पास कोई संस्था समिति संचालित नहीं है।